HINDU RASHTR हिन्दुराष्ट्र

HINDU RASHTR हिन्दुराष्ट्र
CONCEPTS & EXTRACTS IN HINDUISM
By :: Pt. Santosh Bhardwaj
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भारत में 95% बलात्कार मुसलमान करते हैं 2016 में कुल 84,734 बलात्कार में से 81 हजार बलात्कार मुस्लिम पुरुषों ने किया और इनकी शिकार महिलाओं में से 96% महिलाएँ हिन्दु थीं। बम्बईया अभिनेत्रियों ने आसिफ़ा मामले में यह समझकर की बलात्कारी हिन्दु था आसमान सर पर उठा लिया था, यह जाहिर होते ही कि बलात्कारी मुसलमान ही है, इन्होने तो अपना मुँह ही सीं लिया। मंदसौर की 7 साल की दिव्या से बलात्कार  मामले में इन सबकी मुँह में दही जमी है, क्योंकि लड़की हिन्दू की है। 
कठुआ बलात्कार मामले में किये गए ट्वीट 
मंदसौर बलात्कार मामले पर इनके ट्वीट 
राहुल गांधी ~ 9 
 राहुल गांधी ~ 0
निधि राजदान ~ 14 
 निधि राजदान ~ 0
 बुरखा दत्त ~ 18
 बुरखा दत्त ~ 0
 राजदीप ~ 17
राजदीप ~ 0 
बम्बईया अभिनेत्रियाँ 78 
 बम्बईया अभिनेत्रियाँ ~ 0
 जावेद अख्तर ~ 37
जावेद अख्तर ~ 0 



अल्पसंख्यक ::  भारतीय संविधान के अनुसार मुस्लिम, सिख, इसाई, बौद्ध, जैन अल्पसंख्यक हैं। अब काँग्रेस ने कर्नाटक के लिंगायतों को भी इसी श्रेणी में खड़ा करके हिन्दुओं को बाँटने की साज़िश की है।
एक हिन्दु अगर कोई संस्थान खोलता है तो उसे उस संस्थान की 25% सीटों को अल्पसंख्यक वर्ग के लिए आरक्षित रखना होता है जहाँ पर अल्पसंख्यक वर्ग को नाम मात्र की फीस देनी होती है, जबकि हिन्दु छात्रों को भारी भरकम फीस देनी होती है अर्थात अल्पसंख्यक को हिन्दु अपनी जेब से पढाता है
किसी भी अल्पसंख्यक को शिक्षण संस्थान खोलने के लिए सरकार 95% तक सहयोग करती है, जबकि किसी हिन्दु को संस्थान खोलने के लिए आसानी से कर्ज तक नहीं मिलता। 
अल्पसंख्यक संस्थान दलित, पिछड़े या जनजाति के अनुपात मे शिक्षकों की भर्ती के लिए किसी भी प्रकार बाध्य नहीं है, जबकि एक हिन्दु संस्थान को सरकारी आरक्षण के नियमों के अंतर्गत शिक्षकों की भर्ती करनी होती है अर्थात किसी मुस्लिम संस्थान मे 100% शिक्षक मुस्लिम हो सकते हैं, किसी खालसा कालेज मे 100% शिक्षक सिख हो सकते हैं, किसी इसाई मिशनरी कालेज मे 100%शिक्षक इसाई हो सकते हैं लेकिन किसी हिन्दु संस्थान में  100% शिक्षक हिन्दु नहीं हो सकते।
अल्पसंख्यक संस्थान मे छात्रों के प्रवेश मे कोई सरकारी आरक्षण लागू नही है, वे छात्रों की संख्या का 50% तक उस धर्म के छात्रों को प्रवेश दे सकते हैं, जिससे संबंधित वह अल्पसंख्यक संस्थान है। 
नतीजतन हिन्दुओं के बच्चे प्रवेश पाने के लिए मारे मारे फिरते हैं, जबकि अल्पसंख्यक मुस्लिम, सिख, इसाई छात्रों को मुस्लिम संस्थानों मे, खालसा कालेजों मे, इसाई मिशनरीज के संस्थानों मे आराम से प्रवेश मिल जाता है। 
अल्पसंख्यक छात्रों को सरकार द्वारा अनेक प्रकार की छात्रवृत्ति भी दी जाती हैं। 
इस प्रकार सवर्ण हिन्दु अपने ही देश मे दोयम दर्जे का नागरिक है।
🕉 MOTHERLAND WORSHIP मातृभूमि वन्दना :: हिन्दु के लिये पृथ्वी माता है, जिस पर उसने जन्म लिया है। वह माँ भगवती का स्वरूप और प्रभु की आद्याशक्ति है। उसने ही यह शरीर प्रदान किया है, पालन-पोषण करती है और उद्यम करने का अवसर प्रदान करती है कि मनुष्य सत्कर्म करके परमात्मा की भक्ति और मोक्ष प्राप्त करे।इसीलिये वह पृथ्वी की पूजा-प्रार्थना करता है।
For a devout Hindu earth is the mother who has given birth, who is a form of Maa Bhagwati- the better half of the Almighty, which gives us shape, form, chances to perform through service of mankind, downtrodden, weaker sections of society, attain equanimity to attain the devotion to the Almighty and assimilate in HIM. That is why he prays-bows before her.
नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे त्वया हिन्दुभूमे सुखं वर्धितोऽहम्। 
महामंगले पुण्यभूमे त्वदर्थे पतत्वेष कायो नमस्ते नमस्ते॥
हे प्यार करने वाली मातृभूमि! मैं तुझे सदा (सदैव) नमस्कार करता हूँ। तूने मेरा सुख से पालन-पोषण किया है। हे महामंगलमयी पुण्यभूमि! तेरे ही कार्य में मेरा यह शरीर अर्पण हो। मैं तुझे बारम्बार नमस्कार करता हूँ।
O loving mother! I bow before you. You have nurtured me. Hey pious-pure, virtuous, righteous,  mother, I repeatedly worship you. You always support and favour me. You always look to my welfare, well being. My body is meant for your service , sacrifice. I again and salute-respect, honour you.
प्रभो शक्तिमन् हिन्दुराष्ट्रांगभूता इमे सादरं त्वां नमामो वयम्। 
त्वदीयाय कार्याय बद्धा कटीयम्शु भामाशिषं देहि तत्पूर्तये॥
हे सर्वशक्तिशाली परमेश्वर! हम हिन्दुराष्ट्र के अंगभूत तुझे आदर सहित प्रणाम करते हैं। तेरे ही कार्य के लिए हमने अपनी कमर कसी है। उसकी पूर्ति के लिए हमें अपना शुभाशीर्वाद दे।
O God-Almighty! We as an organ -component of the this Hindu Rastr-a devout Hindu, offer you reverences-prayers. I have decided-devoted myself to perform in all possible-best possible manner to serve you. I wish to attain your blessings for that purpose.
अजय्यां च विश्वस्य देहीश शक्तिम्सु शीलं जगद् येन नम्रं भवेत्
श्रुतं चैव यत् कण्टकाकीर्णमार्गम्स्व यं स्वीकृतं नः सुगंकारयेत्॥
हे प्रभु! हमें ऐसी शक्ति दे, जिसे विश्व में कभी कोई चुनौती न दे सके, ऐसा शुद्ध चारित्र्य दे, जिसके समक्ष सम्पूर्ण विश्व नतमस्तक हो जाये ऐसा ज्ञान दे कि स्वयं के द्वारा स्वीकृत किया गया यह कंटकाकीर्ण मार्ग सुगम हो जाये।
Hey Almighty! Kindly empower us with strength, might, power so that we are able to answer to meet-face any challenge from the rest of the world. Grant us the pious character character before the whole humanity bows and the demonic are crushed. The life of the humans becomes free from obstacles, troubles, tortures, pains, sorrow.
समुत्कर्ष निःश्रेयसस्यैकमुग्रम्प रं साधनं नाम वीरव्रतम्। 
तदन्तः स्फुरत्वक्षया ध्येयनिष्ठा हृदन्तः प्रजागर्तु तीव्राऽनिशम्॥
उग्र वीरव्रती की भावना हम में उत्स्फूर्त होती रहे जो उच्चतम आध्यात्मिक सुख एवं महानतम ऐहिक समृद्धि प्राप्त करने का एकमेव श्रेष्ठतम साधन है। तीव्र एवं अखंड ध्येयनिष्ठा हमारे अंतःकरणों में सदैव जागती रहे। 
Kindly grant us that bravery & valour which puts us, enables us to that the Ultimate form of spirituality to become one with the Almighty-God. Our target-goal is clear which always knocks in out heart, mind and soul. It reverberate-vibrate-resounds out gestures, psyche, inner self, conscientiousness.
विजेत्री च नः संहता कार्यशक्तिर्वि धायास्य धर्मस्य संरक्षणम्। 
परं वैभवं नेतुमेतत् स्वराष्ट्रम्स मर्था भवत्वाशिषा ते भृशम्॥
तेरी कृपा से हमारी यह विजयशालिनी संघठित कार्यशक्ति हमारे धर्म का सरंक्षण कर इस राष्ट्र को वैभव के उच्चतम शिखर पर पहुँचाने में समर्थ हो। 
O God! Let your blessings enable us in our endeavours to unite the whole world for the service of mankind, Dharm-our duty and put this country BHARAT-HINDUSTAN-ARYA VART-JAMBU DWEEP-INDIA at the peak, sovereignty.
🚩हिन्दु उसकी पूजा करता है जो उसकी रक्षा करे, उसकी नहीं जो उसे जबरदस्ती अपनी पूजा करने को कहे, अन्याय करे, अत्याचार करे या फिर उसकी जो स्वयं की रक्षा करने में भी समर्थ न हो। हिन्दु एक जीवन शैली, प्रणाली, संस्कृति है, जिसका न कोई अन्त। इसे किसी न प्रारम्भ नहीं किया और न ही कोई अन्त करें में समर्थ है। जब जब मानवता पर अत्याचार होता है, अधर्म बढ़ता है प्रभु स्वयं अवतार लेकर मानवता की रक्षा करते हैं। भारत, आर्यावर्त, जम्बूद्वीप के निवासियों को आर्य, भारतीय, हिन्दुस्तानी कहा गया। हिन्दु और हिन्दुस्तान ये दोनों नाम विदेशी आक्रांताओं ने सिन्धु नदी के दूसरी ओर रहने वालों को दिये गये। सनातन धर्म ही आर्य धर्म, हिन्दु धर्म है।
💎खलीफा (Khalifah) एक अरबी शब्द है, जिसे अंग्रेज़ी में (Caliph, खलीफ) कहा जाता है। वह मुसलमानों का वह धार्मिक शासक (सुल्तान) होता था, जिसे मुसलमान मुहम्मद का वारिस (successor) मानते थे। खलीफा मार-काट, लूट-पाट कर,  सत्ता कर, यंत्रणा देकर, अत्याचार करके पूरी दुनिया में इस्लाम, अधर्म का शासन कायम करने का प्रयास करता था।
1919-22 के दौरान  तुर्की में ओटोमन वंश के आखिरी सुन्नी खलीफा अब्दुल हमीद-2 का खिलाफा यानी शासन चल रहा था जो कि जल्दी ही धराशाई होने वाला था। इस आखिरी इस्लामिक खिलाफा (शासन) को बचाने के लिए अब्दुल हमीद-2 ने जिहाद का आवाहन किया, ताकि विश्व के मुसलमान एक हो कर इस आखिरी खिलाफा यानी इस्लामिक शासन को बचाने आगे आयें। पूरे विश्व मे इसकी कोई प्रतिक्रिया नही हुई सिवाए भारत के, जिसके अलावा एशिया का कोई भी दूसरा देश इस मुहिम का हिस्सा नही बना। भारत के कुछ मुट्ठी भर हिन्दु से मुस्लिम बने सुन्नी मुसलमान इस मुहिम से जुड़ गए और हजारों किलोमीटर दूर, सात समंदर पार तुर्की के खिलाफा यानी इस्लामिक शासन को बचाने और अंग्रेज़ों पर दबाव बनाने निकल पड़े, जबकि इस समय भारत खुद गुलाम था और अपनी आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था। लेकिन अंतः 1922 में तुर्की से सुलतान के इस्लामिक शासन को उखाड़ फेंका गया और वहाँ सेक्युलर लोकतंत्र राज्य की स्थापना हुई और कट्टर मुसलमानों का पूरे विश्व पर राज करने का सपना टूट गया।
भारत के मुट्ठीभर मुसलमानों ने अंग्रेज़ी हुकूमत पर दबाव बनाने के लिए बाकायदा एक आंदोलन खड़ा किया, जिसका नाम था, खिलाफा आंदोलन (Caliphate movement)। कांग्रेस ने इसक नाम खिलाफत आंदोलन कहकर जनसाधारण को गुमराह किया।
मुस्लिम नेताओं इसका बदला उन्होंने 1922-23 में केरल के मालाबार में हिन्दुओं पर हमला कर के लिया और असहाय अनभिज्ञ हिन्दुओं को बेरहमी से काटा गया, हिन्दु लड़कियों की इज़्ज़त लूटी गई। 1923 के दंगों में गांधी ने हिन्दुओं को ही दोषी ठहराते हुए उन्हें कायर और बुजदिल कहा। डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने इस घृणित साजिश को समझा और इसका जम कर विरोध करते हुए राष्ट्रीय 1925 स्वयं सेवक संघ की स्थापना की जिसका शुद्ध मकसद भारत की आजादी में सामाजिक सहयोग। भारत की आजादी के बाद श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीं दयाल उपाध्याय की हत्या करवाई गई। इमरजेंसी के दौरान संघ के हजारों कार्यकर्ताओं को जेल में बन्द किया गया। सरकारी नौकरी करने वाले हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया, उनकी तरक्की रोकी गई और हर तरह से परेशान किया गया। यह दूसरी बात है कि इमरजैंसी में सताया गया एक आदमी आज प्रधानमंत्री है और दूसरा आज तक अपने हक-हकूक की लड़ाई लड़ रहा है, भारतीय जनता पार्टी के शासन के बावजूद। 
आज देश में विश्व हिन्दु परिषद, बजरंग दल, हजारों गौ रक्षा समितियाँ हैं, मगर हर कोई शासन में अपनी भागीदारी के लिये हिन्दुओं को अपनी ओर खींचना चाहता है। हिन्दु आज भी कांग्रेसी, भजपाई, जनता दली, बसपाई है। यह तजुर्बे की बात है कि विश्व हिन्दु परिषद, बजरंग दल, गौ रक्षा समितियों के नाम पर गुंडों ने हिन्दुओं पर  बरपा किया है।
मराठों ने कसी तरह उत्तर भारत में लूट-खसोटकर हिन्दुओं को प्रताड़ित किया, यह कोई बहुत पुरानी बात नहीं है। इन्हीं लोगों ने एक हिन्दु की लड़की को मुसलमान कहकर बाजीराव पेशवा को मजबूर किया यह भी जायदा पुरानी घटना नहीं है। शिव सेना के गुंडे किस तरह मुंबई में हिन्दुओं को उत्तर भारतीय कहकर प्रताड़ित करते हैं, यह किस्से छुपा है; जबकि खुद पूरा ठाकरे परिवार बिहार से पलायन करके महाराष्ट्र में जाकर बसा है!?।
🏹मंदिरो के चढ़ावे का मुसलमानों और ईसाईयों के हित में दुरुपयोग :: मंदिरों के चढ़ावे का उपयोग केवल प्रसाद, उसके रख रखाव, मरम्मत, उस क्षेत्र की तरक्की और पुजारियों के वेतन आदि के लिये किया जाना चाहिये।
आंध्र प्रदेश सरकार ने मंदिर अधिकारिता अधिनियम के तहत 43,000 मंदिरों को अपने नियंत्रण में ले लिया है और इन मंदिरों में आये चढ़ावे और राजस्व का केवल 18 के प्रतिशत मंदिर के प्रयोजनों के लिए वापस लौटाया जाता है। तिरुमाला तिरुपति मंदिर से 3,100 करोड़ रुपये हर साल राज्य सरकार लेती है और उसका केवल 15 प्रतिशत मंदिर से जुड़े कार्यों में प्रयोग होता है। 85 प्रतिशत राज्य के कोष में डाल दिया जाता है और उसका प्रयोग सरकार स्वेच्छा राजनैतिक फायदे के लिये किया जाता है।
उड़ीसा में राज्य सरकार जगन्नाथ मंदिर की बंदोबस्ती की भूमि के ऊपर की 70,000 एकड़ जमीन को बेचने का इरादा रखती है।
केरल की वामपंथी और कांग्रेसी सरकारें गुरुवायुर और अन्य 45 मंदिरों के आवश्यक सुधारों को नकार कर उनकी आय का दुरूपयोग मुसलमानों, ईसाईयों और कम्युनिस्टों की भलाई के लिये करती है। अयप्पा मंदिर से संबंधित भूमि घोटाला पकड़ा गया है। सबरीमाला के पास मंदिर की हजारों एकड़ भूमि पर कब्ज़ा कर चर्च चल रहे हैं। केरल की राज्य सरकार त्रावणकोर, कोचीन के स्वायत्त देवस्थानम बोर्ड को भंग कर 1,800 मंदिरों को अधिकार पर लेने के लिए एक अध्यादेश पारित करने के लिए करना चाहती है।
कर्णाटक की भी ऐसी स्थिति है। यहाँ देवस्थान विभाग ने 79 करोड़ रुपए एकत्र किए गए थे और उसने उस 79 करोड़ रुपये में से दो लाख मंदिरों को उनके रख-रखाव के लिए सात करोड़ रुपये आबंटित किये। मदरसों और हज सब्सिडी के लिये 59 करोड़ दिए और लगभग 13 करोड़ रुपये चर्चों को चला गया। कर्नाटक में दो लाख मंदिरों में से 25 प्रतिशत या लगभग 50,000 मंदिरों को संसाधनों की कमी के कारण बंद कर दिया जायेगा।
महमूद गज़नी ने तो लूटा ही था, अब तो कांग्रेसी सरकारें भी मंदिरों को चौड़े में लूट रही हैं।
पद्मनाभ मंदिर में लाखों करोड़ का सोना, कीमती हीरे-जवाहरात हिन्दुओं के हैं, ना कि काफिरों-धर्म निरपेक्षों के। यह प्राचीन मंदिर त्रावणकोर राज्य, के अधिपति भगवान् श्री हरी विष्णु का है। त्रावणकोर के राजा उनके दीवान थे और अब यह हक उनके वंशजों का है। वामपंथियों, मुसलमानों, ईसाइयों का उस पर कोई हक नहीं है।
वर्षों पहले वैष्णव देवी के दर्शन हेतु मार्ग, जो कि कटरा से मंदिर तक जाता था, भयानक गंदगी, घोड़ों की लीद, मनुष्य के मल-मूत्र और उसकी की बदबू,से भरा रहता था। आज कटरा से मंदिर तक की यात्रा स्वच्छ और सुविधाजनक हो चुकी है। मंदिर की व्यवस्था के लिये अब बोर्ड बना दिया गया है। मंदिर में आने वाले चढ़ावे को बोर्ड लेता है। उसी चढ़ावे से पुजारियों को वेतन मिलता है और उसी धन से मंदिर और श्रद्धालुओं से सम्बंधित व्यवस्थायें की जाती है।
धर्म विरोधी, देश विरोधी और मोदी विरोधी ताकतों का केन्द्रीयिकरण कांग्रेस के नेतृत्व में हो रहा है। ममता, माया सहित पूरा विपक्ष सोनिया के साये में हैं। इस बात की चेतावनी गोरखपुर, फूलपुर चुनावों से पहले ही दे दी गई थी मगर ध्यान नहीं दिया गया। मोदी योग्य, कार्यकुशल, नीतिज्ञ है, मगर उसकी एक हठ ही बाजी पलट गई; कैलाना में-आरक्षण को जारी रखना। स्वर्ण पहले बौद्धों, फिर मुसलमानों, अंग्रेजों, कांग्रेस द्वारा सताया गया मगर उन्हें उसने पलट दिया। स्वर्ण के लिए तो आगे कुँआ और पीछे खाई है। उसका भविष्य तो माया, खड़गे, कन्हैया की कैद में है, जिसे मोदी को छुड़ाने का मौंका दिया था। मौंका तो जरूरत से ज्यादा आम आदमी केजरीवाल को भी दिया गया था।
卐 हिन्दु और हिंदुस्तान :: हिन्दु भी रहेगा और हिंदुस्तान भी रहेगा, नहीं रहेगा तो पाकिस्तान का नामोनिशान। 
नपुंसक कांग्रेसियों ने तो 60 साल में नफ़रत फैलाने, भड़काने, उकसाने, आग लगाने, दंगे-फ़साद कराने, सिया-को सुन्नी से भिड़ाने की गंदी राजनीति में महारथ हांसिल की है। मुरादाबाद की मस्जिद में सूअर घुसाने वाला कांग्रेसी विधायक ही था। अलीगढ के दंगों में मारकाट मचाने वाले भी कांग्रेसी ही थे। इनमें चरणसिंह का भी पूरा और खुला हाथ था। भड़काते खुद हैं, नाम दूसरों का लगाते हैं। अब रोज-रोज 1951 की मुस्लिम आबादी की तुलना उनकी आज की उनकी 20 गुना बढ़ोतरी करके डरा रहे हैं। कांग्रेसी पीठ पीछे से वार न करके खुलके सामने आयें, तो हो जायेगा दूध का दूध पानी का पानी। 
1984 का जन आक्रोश कांग्रेसी गुर्गे भिडरावाले, खालिस्तानियों और अकालियों के प्रति था, जिन्होंने निरपराध हिन्दुओं को चुन-चुन कर मारा और उनकी लड़कियों को स्वर्ण मन्दिर में कैद करके, उनके साथ बलात्कार किया था, नाकि किसी जाति-धर्म के ख़िलाफ़। यह दूसरी बात है कि हत्यारे कांग्रेसी ही थी। 
अगर हिम्मत है तो आरक्षण खत्म करो, सुरक्षा बल तैनात करो, उत्पातियों की दो दिन जमकर धुलाई करो, दूर-दूर तक सभी स्वर्ण, समाजवादी, वर्ग-विभेद रहित, धर्म निरपेक्ष हो जायेंगे। बस एक चिंगारी की देर है, जरूरत है न दिखेगी माया, न खड़गे, ना दिखेगा अठावले, कम्युनिष्टों को पानी देने वाला नहीं बचेगा, क्योंकि सभी बराबर हो जायेंगे। न गूजर, न पाटीदार और नाही जाट कोई आरक्षण की मॉंग करने की भी नहीं सोचेगा। 
और एक तरफ हैं, 56 इंच की छाती वाले जो बिहार, फूलपुर, गोरखपुर, कैलाना खोकर भी खुद को ही होशियार समझते हैं। उनके ख़िलाफ़ जीता हर प्रत्यासी एक मुस्लमान है। संघ और संघ प्रमुख मोहन भागवत की राय उनके लिये बेमानी है। वोट स्वर्ण का चाहिये, मगर हिमायत आरक्षण की करते हैं। 
जिस जान के डर से देश द्रोहियों ने इस्लाम कबूल किया था, मुसलमान बने थे, उसी जान के लाले पड़ जायें तो कहीं काजी, मुल्ला मौलवी नजर नहीं आयेगा। सभी की बकर दाढ़ी-मूँछ मुंड जायेंगी। हर मस्जिद में शिवलिंग ही शिवलिंग दिखाई देगा। मदरसों में धर्म-निपेक्षता, समाजवाद, वर्ग-विभेद रहित, सघर्ष, भेद-भाव रहित समाज की पढ़ाई हो रही होगी। 
नक्सलवाद, माओवाद चीनियों की नाजायद औलादों की भारत और नेपाल को देन हैं। इन्होंने झारखण्ड और केरल में उत्पात मचा रखा है। बंगाल में ममता हिन्दुओं को खत्म करने पर तुली हुई है। उत्तर प्रदेश में मुलायम की औलाद और बिहार में लालू की औलाद हिन्दु की जान की कट्टर दुश्मन है। 
जो स्थिति आपातकाल के बाद बनी, जो 1984 के दंगों में बनी, वह फिर से कभी भी बन सकती है। जाकिर, ओबैसी, फ़ारुख़, महबूबा, सब्बीर शाह, अब्दुल गनी बट, सैयद अली शाह गिलानी, सैयद सलाहुद्दीन, हुर्रियत कॉन्फ्रेंस, कश्मीरी अलगाववादी देश के दुश्मन हैं, जिनका देश से निष्कासन जरूरी है। उनकी सुरक्षा की कोई जरुरत नहीं है। जिनके लिये वो लड़ते हैं उनसे डर कैसा, किस बात का ?!
With the partition of the country on religious grounds the Muslims lost the right to stay in India. If any one demand freedom his Adhar card, pass port, visa, should be cancelled. Their voting rights should be abolished. However they may be given work permits which may be renewed every year or so. Their status should to restricted to Dhimmi only. No subsidies should be given to them. Their property rights should be abolished. Their bank accounts should be freezed. All their assets should be confiscated. And still if they do not mend their ways their entire family should be pushed into Pakistan through the routes used by terrorists to sneak into India to face the rangers. No mercy.
कुम्भ के मेले में सवा करोड़ से लेकर चार करोड़ हिन्दुओं का समागम होता है। प्रयाग-इलाहबाद का कुम्भ चन्द्रमा के ऊपर से भी दिखाई देता है। जरूरत केवल संगठित होने की है और वह असंभव भी नहीं है। यह कार्य उसे भड़काकर, उलटी-सीधी वाहियात कहानियाँ-बातें सुनाकर, ऊटपटाँग विडिओ दिखाकर नहीं किया जा सकता। उसकी परेशानियों को समझो और समाधान करो, यदि समर्थ हो! यह कार्य एक मुसलमान और ईसाई के हाथ में अपनी लगाम देने से नहीं हो सकता। अगर हिन्दुओं की यह जमात आगे बढ़ी तो देश-धर्म के दुश्मनों को पैरों से कुचल कर ही मार देगी, हथियार की भी जरूरत नहीं हैं।
☀ इजराइल ने मुसलमानों को उनकी सीमा में रहना सिखा दिया है। बर्मा-म्यंमार ने उन्हें उनकी औकात बता दी है। फ्राँस ने मस्जिदों पर पाबन्दी लगा दी है। रूस ने उन्हें कह दिया है की उसे उनकी जरूरत नहीं है, जहाँ चाहे चले जायें। बौद्धों के धर्मगुरु विराथू ने बौद्धों को समझा दिया कि अहिंसा का अर्थ जुल्म सहना, बर्दाश्त करना नहीं बल्कि उसका प्रतिकार करना है। 
💎भारतीयों का धर्म परिवर्तन :: हेनरी थीपगाने (Henri Thipagne) और मदुरई स्थित गैर सरकारी, सरकारी अनुदान रहित (NGO People's Watch) नामक संस्था भारत में हिन्दुओं का धर्मांतरण करती है। हेनरी थीपगाने भारत में लगातार कई वर्षों से आता जाता रहा है। इसके विरुद्ध प्रमाण मौजूद थे, मगर कांग्रेस की सह थी। 30 दिसम्बर, 2017 को हेनरी थीपगाने केरल के कोच्ची हवाई अड्डे पर उतरा और पूरी रात रोकने के बाद अगले दिन उसे बेरंग लौटा दिया गया। 
ग्रीन पीस और किम डेविड भारत के वे गुनहगार हैं, जिन्होंने पुरुलिया में हथियारों का जखीरा गिराया था। किम डेवी को लालू के साले और रावड़ी के भाई सांसद पप्पू यादव की गाड़ी में बैठा कर नरसिम्हा राव के समय में सुरक्षित देश से निकल दिया गया। ग्रीन पीस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बेन हर्ग्रीव्ज़ (Ben Hargreaves) को भारत विरोधी कार्य के लिए सितम्बर, 2015 में भारत के हवाई अड्डे पर आते ही भगा दिया गया था। इसी ग्रीनपीस की कार्यकर्ता प्रिया पिल्लई को भारत छोड़ने पर बैन लगा दिया गया।  यह औरत मध्य प्रदेश के माहन में आदिवासियों का धर्म परवर्तन का काम कराती थी। नाम भले ही हिन्दुओं का है मगर यह ईसाई है। 
भारत में 1145 से ज्यादा गैर सरकारी संस्थान हिन्दुओं के धर्म परिवर्तन, पैसे देकर प्रदर्शन, बलवा कराना करवाते हैं।  इन्होने 20 लाख से ऊपर परिवारों का धर्म परिवर्तन कराया है। इनकी गैर क़ानूनी गतिविधियों के कारण देश को सकल आय का लगभग 2% नुकसान को रहा था। 
भारत में बलवा, दंगा, धर्म परिवर्तन, उद्योगों का विरोध कराने के लिए विदेशी धन से चलने वाले गैर सरकारी संस्थानों ने प्रत्येक 400 बलवा कर्मियों पर अधिकारी नियुक्त कर रखा था। 2013 में भारत में लगभग 80,000 करोड़ का निवेश महज़ चर्च और मस्जिदों के निर्माण के द्वारा धर्म परिवर्तन के लिये किया गया। इस पैसे का दुरूपयोग हवाला, आतंकवाद, लूट-पाट, दंगे-फसाद भड़काने, लड़कियों को मुसलमान बनाकर शादी कराने पर किया गया। 
इसी पैसे के दम पर कर्नल पुरोहित, कर्नल पठानिया तथा अन्य सैनिकों को जेल भेजा गया। मदुरई के मिनाक्षी मंदिर, कांचीपुरम, चेन्नई का विष्णु मंदिर, महाबलिपुरम, ऐतिहासिक ताम्बरम अड्यार; हर जगह मंदिरों के सामने या बगल में चर्च और मस्जिदों का जाल बिछाया  गया।  यह सब उस मुसलमान-ईसाई परिवार की साज़िश का एक हिस्सा था जो खुद को पंडित बताकर भारत के 60 साल से राज कर रहा था। 
💎करणी सेना के कांग्रेसी संजय की लीला पद्मावती को पद्मावत करा सकते हैं, अनेकों बेकसूर हिन्दुओं को जलाकर मार सकते हैं, बसों में आग लगा सकते हैं; मगर धर्मनिरपेक्ष-काफिरों, मुसलमानों, गद्दारों के सामने खड़े होने की जुर्रत भी नहीं कर सकते। ये वही हैं, जिन्होंने अपनी लड़कियाँ मुग़लों, मुसलमानों को दी थीं, इतिहास गवाह है। 
💐शिवसेना के गुंडे बम्बई को मुम्बई बनवा सकते हैं, उत्तर भारतीयों को मार-पीट सकते हैं, उनकी धन-सम्पत्ति को लूट सकते हैं। मगर मुम्बई की सड़कों को ठीक दूसरे करेंगे। इन कायरों में इतनी हिम्मत भी नहीं है कि उनकी नाक के नीचे पनपते देश द्रोही गद्दार मुसलमानों, तस्करों, हत्यारों का सामना कर सकें। इन्हें केवल कार्टून-व्यंग, छींटा-कसी ही आती हैं। और अब तो ये खुद ही एक कार्टून बनके रह गये हैं। नरगिस के जिहादी-स्मैकी बेटे के पास से हथियारों का जखीरा बरामद हुआ तो इन्होने उसे बचाने में जी-जान एक कर दी। अब तक उसे पैरोल और जमानत यही दिलवाते हैं, दबाब बनाकर। आमेर, शाहरुख़, सलमान से पैसा मिलते ही उनका विरोध बंद हो जाता है। अगर इतने ही दिलेर हैं, तो हाजी मस्तान की मस्ती निकालते, दाऊद को ताबूत में बंदकर दोज़ख में पहुँचाते, मेमन का मेमना बनाते! मगर हुआ क्या एक कार्टूनिस्ट देखते ही देखते भिखारी से खरबपति हो गया हराम के पैसे से!
🍇मद्रास को तमिलनाडु बनवा लिया हिन्दी का विरोध कर-कर के। बसों में, रेलों में आग लगाई, श्रीलंकाई आतंकवादियों को खुला समर्थन दिया, मगर मुसलमानों का क्या किया!? और तो और एक ईसाई की रखैल का दर्जा स्वीकर कर लिया। 
🔱तैलंगों को तेलंगाना चाहिये था, ले लिया मगर मुसलमानों के लड़कियों के करोबार को मंडी लगाकर बेचने को बंद करने की जुर्रत भूलकर भी नहीं की। तिरुपति में पाँच करोड़ का मुकुट चढ़ाया, क्या वो इनकी मेहनत-ईमान के पैसे का था?!
🚩आंध्र प्रदेश के टुकड़े करवाने वाला रेड्डी और चंद्रबाबू परिवार साइबर स्टेट बनाने की बात तो करते हैं, मगर कभी वहाँ पनपते मुसलमानों के गुंडा-गिरोहों को काबू करने की कोशिश की?! और तो और तिरुपति का पैसा लूटकर मुसलमानों और ईसाईयों में बाँटते फिरते है! रामाराव फिल्मों में भगवान् का किरदार निबाहते-निभायते आंध्र का भगवान् बन बैठा। नाम भगवान् का काम शैतान-रावण का। चंद्रबाबू घमण्ड का शिकार हो गया है और अपनी मुसलमान अम्मी की ममता के साये में जीने लगा है। निजाम परस्त रेड्डियों-कांग्रेसियों ने तो आंध्र की रेड ही लगा दी दोनों हाथों से लूट-लूटकर। 
🏹卐🕉पाकिस्तान क्या बना घर, मकान, करोबार, खेती बाड़ी, इज्जत-मान लूटाकर भाग आये। ननकाना छोड़ा, लाहौर छोड़ा मगर खालिस्तान-सिखिस्तान का राग नहीं छोड़ा! नकली पासपोर्ट-वीसा बनवाकर कबूतरबाजों, तस्करों, ISI की मदद के सहारे कैनेडा, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, अमरीका पहुँच गये! किसी पर 5 तो किसी पर 50 निर्मम हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार के केस दर्ज हैं। अब उन्हीं देशों के पासपोर्ट पर शान से भारत में आकर चटवाल बबाल मचाता है। इस देशों के गुरुद्वारों में खुले आम भारत और हिन्दु विरोधी दुष्प्रचार-अभियान चलाया जाता है। जब भारत से कोई बुजुर्ग इन देशों में अपने बच्चों से मिलने जाता है तो उसका दिमाँग भी खराब करते हैं। वैसे तो सत्य यह भी है कि इस देशों की सरकार का इनको खुला समर्थन हैं; अन्यथा कौन अपनी धरती से दूसरे देश के खिलाफ प्रचार-प्रसार करने देगा?! जर्मनी के लोग यहूदियों का कत्लेआम कर सकते हैं, मगर सिख, मुसलमान आतकवादी उनके राजकीय मेहमान हैं। कैनेडा का तो कहना ही क्या वो तो इन आतंकियों-तस्करों का गढ़ ही बन गया है। पंजाब में कॉंग्रेस से ख़ौफ़ज़दा हैं, नहीं तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार कैसे होती?! बादलों का तो कहना ही क्या, पूरा पंजाब, पाकिस्तान की सहायता से नशेड़ी बना डाला। 1,000 एकड़ जमीन, बसों का पूरा कारोबार, चरस, अफीम, गाँजे की खुले आम तस्करी करते हैं, पाकिस्तान से ?! ISI के गुर्गों को इनके राज में खुली छूट थी, कहीं भी आने जाने की, भले ही सेना का हवाई अड्डा या निषिद्ध क्षेत्र ही क्यों न हो। 





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